जुलाई-अगस्त के समय फेसबुक के कितने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया .फेसबुक के इंजीनियर एडवांस चैट बोर्ड बनाने में लगे थे ,और वहां से ऑटोमेटिकली रिप्लाई आता है।
मशीन से बात करते हो जो कि हेलो हाय करके बिल्कुल एक इंसान की तरह बात करता है। फेसबुक चाट बनाने में लगे थे जो कि सिर्फ हाय हेलो ही नहीं बल्कि गुस्सा करके इंसान की आवाज में लोगों से बातचीत के दौरान एक बहुत ही इंटेलिजेंट डेवलपर के मन में एक आईडिया आया रोबोट इंसानों से नहीं बल्कि आपस में बात कर आते हैं।
उन्होंने बॉस का नाम रखा और और एक बहुत आश्चर्यजनक तरीके से दोनों आपस में बात करने लगे उन्होंने। उसी को भी यह रहे हो आई कैन आई कैन यू कॉल सर्वे बॉल टू मी टू मी टू डु नॉट.
फेसबुक इंजीनियर कुछ समझ नहीं आ रहा था बाद में आप में ही एक अलग लैंग्वेज डेवलप कर चुके और असली भाषा में इंसानों से बचकर या आपस में।
ऐसे इंसान अपने आपस में एक नया लैंग्वेज डेवलप किया यह प्रोग्राम की दुनिया में इंपॉसिबल पढ़िए हुआ यह सच में हुआ बनाने बोल दो दो नहीं कर पाए पर यह कंप्यूटर प्रोग्राम्स होते हुए भी ग्रेटली बिना ह्यूमन को जानकारी दिए अपने आप आप में ही आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क जी बावजी मदद गया भाषा बना ली.
इस घटना के कुछ दिनों बाद ही इंटरनेशनल न्यूज़ रिपोर्ट किया फेसबुक नोटिफिकेशन को मजबूरी में बंद कर दिया और बहुत मुश्किलों के बाद कंप्यूटर को बंद कर पाए. जाने क्या होता अगर वह थोड़ा उनको उस दिन बंद नहीं कर पाते उसको इसलिए बंद कर दिया गया इंजीनियर कंप्यूटर कुछ ज्यादा ही। मॉडर्न कंट्रोल के बाहर जा रहे थे कुछ भी हो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया की सबसे डरावनी घटनाओं में से एक क्या होगा?
अगर कंप्यूटर इंसान जैसे कुछ और बातों को समझने लगे और क्या होगा अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आनो के समान इंटेलिजेंट नहीं बल्कि उससे ज्यादा स्मार्ट बन गए तो दुनिया पर राज कर सकेंगे .
आर्टिफिशियल कंप्यूटर प्रोग्राम जो खुद सोच सकता है और खुद ऐसे काम कर सकता है। हिंदुस्तान में नहीं कर पाते और यह सब की बात नहीं हो रहा है। 14 लोगों को पता ही नहीं है और उसका दी का अंदाजा भी नहीं है। जिस गति से यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी दुनिया में डेवलप हो रही है। शायद आपको पता ना हो और आप इस आर्टिफिशियल हर समय समय लगता है।
गूगल असिस्टेंट और कुछ नहीं जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही है। आपको पता भी नहीं चलता कि आपकी जिंदगी को कंट्रोल कर रहा है .आप जब फेसबुक पर इसी पेज को लाइक करते . आपने एक कॉमेडी पेज को लाइक किया था। वापिस कॉमेडी फेस को फेसबुक आपको और कमेंट करता है और जिस तरह के वीडियोस ऑफ यूट्यूब पर देखते हो उसी तरह के वीडियोस यूट्यूब आपको और दिखाता है।
आप ऑनलाइन कुछ खरीदते हो मान लो आपने कोई कैमरा खरीदा तो उसी तरह के हजारों से रिलेटेड प्रोडक्ट्स को आपको वेबसाइट निकालता है। आप क्या खरीदते हो इस वेबसाइट की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कर दी और वह आपके सामने ऐसी प्रोडक्ट्स ला देती है। इसे आप कभी खरीदने का सोचे होंगे। इसको मशीन लर्निंग कहते हैं। हालांकि ऐसे डर्टी कंप्यूटर दिमाग हमारे बहुत काम आती है पर यहां उसकी बात नहीं कर रहे हम ज्यादा खतरनाक वाले फ्लोर है। इसे मूर्त लोग कहते हैं जो यह कहता है कि हर एक से 2 साल में दुनिया में जितने भी ट्रांजिस्टर लगे होते हैं कंप्यूटर पार्ट्स में वह डबल हो जाए जब से पहला कंप्यूटर बना। तब से लेकर आज तक न्यूज़ और सच्ची हुई है। वैसी तबाही मचाने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अभी तक तो हमारे बीच में नहीं है।
जितने विचारक है उनका यह मानना है कि कभी भी अगले 50 साल हमारे दुनिया में आतंकी हमला के बारे में पेट्रोल जी को शेयर करते हैं और जो हमारी आने वाली दुनिया का अध्ययन करते हैं। उनमें से कई रिसर्च ने यह कहा है जो आज तक बनी है और हमारे पूरे सिविलाइजेशन कि आज तक का सबसे बड़ा खतरा होगा। एक बार नहीं बल्कि कई बार अपने जीवन काल में यह कहा था एंड मैनकाइंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।
हमारे दुनिया का अंत होगा कंप्यूटर कंट्रोल खो दिया इस दुनिया में लड़ाई होगी एक लड़ाई और इंसानों के बीच में होगी एक लड़ाई इंसान कभी भी नहीं जीत पाएंगे और क्यों नहीं जीत पाएंगे क्योंकि अगर कंप्यूटर का आपस में अपना खुद का भाषा बना सकते हैं और खुद बात कर सकते हैं और खुद को डेवलप कर सकते हैं। इन सब चीजों को मिला एक इंसानी दिमाग से कहीं ज्यादा इंटेलिजेंट होगा पूरी धरती पर इंसानों से ज्यादा इंटेलिजेंट दिमाग और किसी चीज या प्राणी का नहीं होता करने में सक्षम होते तो यह एक बहुत ही खतरनाक बाद हम लोग चाहे कोई सा भी तरीका बना ले इतनी भी कोशिश करें इन रोबोट को हराने का अब यह कभी भी नहीं कर पाएंगे। क्योंकि पावर अनलिमिटेड टाइम 14 ऐसा ही होगा जैसे इंसान से लड़ रही हूं। यहां पर चींटी हम लोग इंसान हैं और यह इंसान रोबोट
तो होगा और प्राणी इस दुनिया में रहते हैं। उन सब में से हम इंसान के मामले में भी और बाकी चीजों के मामूली इंसान सालों से धरती पर राज करते आ रहे हैं। पर आज आपको एक बात बता दूं कि इंसान और एक हो गए हम लोग कंपेयर करें तो आपको यह जानकर हैरानी होगी असल में इंसान के बहुत करीब अगर बुद्धि के मामले में बात करें तो अगर एक इंसान की मतलब दोनों में थोड़ा सा ही बहुत कुछ बदल देता है यार खड़ा कर सकते हैं बना सकते हैं आपस में बात कर सकते हैं और धरती पर आने वाली सारी जीवित प्राणियों की बुद्धि को माफ़ी तो सबसे कम 1 पॉइंट मिलेगा को कॉल को मिलेगा 4 इन पेंसिल को मिलेगा और इंसान। थोड़ी करीब है उन्हें मिलेगा लो और कैरियर सुनकर आपके कानों से धुआं निकलने लगे पर इस पॉइंट की लिस्ट में अगर कोई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जब लंच हो गया उसको वह पॉइंट आराम से मिल जाए और यह पॉइंट उससे भी ज्यादा हो सकता है। इंसानी दिमाग इतना शक्तिशाली होते हुए भी इसे सिर्फ 9 पॉइंट मिला इसलिए दिमाग का साइज 38 कल के अंदर मौजूद इसलिए जो दिमाग के अंदर भी न्यूरॉन खोजें वह सीमित मात्रा में ही आ सकते लिमिटेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बाद ऐसी कोई लिमिट नहीं होगी कंप्यूटर अपने आप चलता अनलिमिटेड पावर भाग जाएगी।
और कुछ कर पाएंगे और ज्यादा मतलब अनलिमिटेड मतलब थोड़ा दिमाग चलाओ और अपने अंदर ले सकेगा और आपको तो यह पता ही होगा कंप्यूटर के अंदर की कम्युनिकेशन लाइट की स्पीड से होती है जो किलो मीटर पर सेकंड पर इंसानी दिमाग है। उसके न्यूरॉन की कम्युनिकेशन स्पीड ऑफ 1 किलोमीटर पर आवर है जो कि कंप्यूटर के सामने कुछ भी नहीं हुआ बस में बात कर पाएंगे आराम से जो चाहे वह कर सके और जो चाहे वह बना लेंगे दिमाग से ज्यादा इंटेलिजेंट नहीं बनाए पर ध्यान से सुनो अगर कंप्यूटर में दिमाग इंसानी दिमाग से एक परसेंट भी ज्यादा इंटेलिजेंट बन जाए तब उसकी मेंट को कहेंगे सिंगुलेरिटी। क्योंकि इंसान के एंड का शुरुआत हो अभी तक के मुताबिक बाउंड्री के अंदर काम करते हैं। बहुत तेज रफ्तार से विकसित हो रही हम लोग खुद के नाम पर आपके मन में यह बात तो जरूर आ रहा है। दुनिया में आ सकती मन में यह बात भी आ रही होगी इतनी जल्दी कैसे खोजा एडवांस में?
50 सालों में ही किया है जो भी यह मानती है तो जरूर होगा क्या होगा जब कंप्यूटर इंसान से ज्यादा इंटेलिजेंट हूं सर यह है इंसानियत को इसका आंसर नहीं पता पर चोरी से ज्यादा इंटरेस्टिंग बहुत ही ज्यादा हो जाएगा। इसे हो सकती हो जाने के चलते या फिर केस चुपके हुई है। इंसान हमेशा के लिए अमर हो जाएगी तब असल में वह इंटेलिजेंस अच्छे काम के लिए इस्तेमाल होगा या बुरे काम तेजी से कैसे?
कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं यह मानना है कि दुनिया में ज्यादा है इसलिए दुनिया टिकी हुई अब रोबोट में क्या होगा यह तो वक्त आने पर ही पता चलेगा जब ही मर जाएंगे किसी भी चीज का आविष्कार असल में पुत्री यानी इंटेलिजेंस के जरिए आजकल के वैज्ञानिकों को यह बोला जाए या आप लोग अमर होने की एक लिक्विड निकाल कर के नियमों के खिलाफ है। इस चीज को असल में नहीं कर पाएंगे। एक नॉरमल इंसान में लिमिटेड होती है। पर अमर करने की दवाई का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए मुमकिन हो अगर वाउचर इंसानों का मदद वादा रहा इंसानों का हमें लंबी उम्र जीने में मदद कर सकेंगे और वर्तमान इंसानों को दुनिया से खत्म कर देंगे खुद की आबादी बढ़ाना चाहेंगे।
इसलिए जो हुआ वह बिल्कुल नामुमकिन और इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ तो कंप्यूटर का आपस में बात याद आ रही होगी कि उन्होंने बात करने के लिए थोड़ा ध्यान से देखो आइ कैन आइ कैन आइ कैन आइ कैन एवरीथिंग एल्स इसका मतलब यह हुआ इसका मतलब यह हुआ हम लोग दोनों मिलकर कुछ भी कर सकते हैं। हो सकता है इसका मतलब यह नहीं कि आपस में क्या बात कर रहे हैं? यह लैंग्वेज इंग्लिश लाइट प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में इंग्लिश लेटेस्ट होती है और इस चैट में आए ऐसे इंग्लिश वर्ड कप। और इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक लिविंग बिंग की तरह कुछ तो हुआ था और इसके लिए थैंक फुल होना चाहिए कि उन्होंने इस प्रोग्राम को बंद कर दिया था। अपने आप को और विकसित करने हेतु अपने आपको और डिवेलप करने के नए-नए तरीके।
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